रहीम के दोहे रहीम - दोहा जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग | चन्दन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग || 1. || रहिमन प्रीति सर...
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Bar Bar Badal, बार - बार बादल,
बार - बार बादल बार - बार बादल आते हैं , बार -बार बादल जाते हैं | उजले -उजले पंख लगाकर , दूर -दूर तक उड़ जाते हैं...
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