Magic Point

जीवन 

मैं  उन सभी को धन्यवाद कहता हूँ  जिन्होंने अलग अलग  माध्यम से  कमेंट कर मुझे प्रोत्साहित किया। 
मैं  उन सभी लोगो  से क्षमा मांगता हूँ  जिनसे बिना कुछ बताये इतने दिनों तक दूर रहा 


 ज़रा  सोचिये ये धरती कितनी सुन्दर  है और हम   कुदरत की सबसे सुन्दर संरचना है ।हम ध्यान से   समझे तो प्रकृति सिर्फ हमे देती है जरूरत  है तो बस   संतुलन बनाने की । फिर  चाहे वो जीवन हो या   पर्यावरण ।अगर हम जीवन में संतुलन बनाएंगे  तो   जीवन बेहतर होगा और पर्यावरण में संतुलन   बनाएंगे   तो धरती सुन्दर होगी और वातावरण शुद्ध   होगा । हम जीवन के तमाम दुखो और उसके निवारण पर विचार कर रहे थे। जरा सोचिये जब किसी के घर शिशु का जन्म होता है, पति - पत्नी, माता - पिता बन जाते हैं । घर में एक शिशु के जन्म लेते ही न जाने कितने नए रिश्तो का जन्म हो जाता है दादा दादी, चाचा चाची , नाना नानी, मौसा मौसी बहुत सारे रिश्ते । घर में पूजा पाठ  होता है ताकि शिशु बुरे विचारो से दूर रहे और ईश्वर की कृपा उस पर सदा बनी रहे 
सभी अपने अपने हिसाब से शिशु को मंगल भविष्य का  आशिर्वाद देते हैं  सभी रिश्तो के बावजूद माता पिता का रिश्ता शिशु के जीवन में महत्वपूर्ण होता है। इसके बहुत सारे कारण है हम सभी समझते हैं । स्पष्ट रूप से कहु तो शिशु का सारा उतरदायित्व माता पिता का होता है । मैंने ऐसे पिता भी देखे है जो अपने दायित्वों को नहीं समझते , आपने भी देखा होगा समाज में बहुत से ऐसे लोग हैं । कुछ लोग ऐसा सोच सकते हैं मैंने माँ के लिए ऐसा क्यों नहीं कहा  तो मैं स्पष्ट कर दूँ की जो कुछ भी मैं कह रहा हूँ  अपने अनुभव से कह रहा हूँ । मैं इतना अनुभवी नहीं की मैं किसी माँ के भावनाओं पर सवाल कर सकू और होना भी नहीं चाहता । मैंने एक गरीब पिता को ढलते शाम के साथ नशे में डूबता देखा है और माँ को अपने बेटे को भर पेट खिला कर अगले दिन की चिंता में भूखी जागते हुए भी देखा है । एक अमीर पिता के व्यस्तता को भी देखा है और माँ के समर्पण को भी । मैंने ऐसे पिता भी देखे हैं जो अपने जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए बोझ बढ़ा लेते हैं बोझ बढ़ा लेते हैं कहने से मेरा मतलब है  ज्यादा परिश्रम  करते हैं। बहरहाल  एक माता पिता के कार्य और व्यवहार का सीधा असर उसके बच्चे पर पड़ता है । अगर हम वैज्ञानिको की माने तो बच्चो की सुनने की क्षमता का विकास माँ के गर्व में हीं हो जाता है। उनका दिमाग रूपी डिक्सनरी हमेशा खुला रहता है आप जो कुछ भी बोलते है वो सब उनके दिमाग में सुरक्षित होता जाता है आपने गौर किया होगा जब भी आप शिशु के पास जोर से या गुस्से में बोलते हैं वो रोने लगता है और जब प्यार भरे मीठे आवाज सुनता है चुप हो जाता है, मुस्कुराने लगता है  बस उसके लिए कौन सी बात सही और कौन सी गलत वो नहीं समझता  । 
अब जरा सोचिये आप जाने अनजाने में शिशु के दिमाग में क्या सुरक्षित कर रहे है। बच्चे अपने घर, समाज और देश का भविष्य होते है  अगर आप अपने बच्चे के दिमाग अच्छे व्यवहार, अच्छे शब्द मीठी वाणी सुरक्षित कर रहे हैं तो यकीन करे वो उन्हीं चीजों को दोहराएगा और भविष्य में सबके जीवन में मिठास घोल देगा  यदि किसी कारण उसके दिमाग में कड़वे व्यवहार, कड़वे शब्द कड़वी वाणी सुरक्षित करेंगे तो वो उन्हीं चीजों को दोहराएगा और आपके साथ साथ न जाने कितनो के जीवन में कड़वाहट घोल देगा । आप कांटे का पौधा लगाकर खुशबूदार फूलों की इच्छा नहीं रख सकते और रखेंगे तो आपको निराश होना पड़ेगा या फिर किस्मत को कोसना पड़ेगा । 
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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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3 टिप्पणियाँ:

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